आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 2019 का 38वां मैच भारत और इंग्लैंड के बीच खेला गया। इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड की टीम ने निर्धारित 50 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 337 रनों का स्कोर खड़ा किया।

इस लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया की तरफ से रोहित शर्मा ने 109 गेंदों में 102 रन और विराट कोहली ने 76 गेंदों में 66 रनों की शानदार पारी खेली। परंतु उनकी यह पारी भारतीय टीम के जीत के काम में नहीं आ सकी और इस मैच को इंग्लैंड की टीम ने 31 रनों से जीत लिया। इंग्लैंड की तरफ से इस मैच में शानदार शतक बनाने वाले जॉनी बेयरस्टो को इस मैच का मैन ऑफ द मैच चुना गया। मैच के समाप्त होने के बाद प्रजेंटेशन के दौरान भारतीय कप्तान विराट कोहली ने क्या कहा ? आइए जानते हैं :-

भारतीय कप्तान ने कहा यहां तक पहुंचने में सभी टीमों को एक या दो मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। हमें इस बात को स्वीकार करना होगा कि विपक्षी टीम ने इस मैच के दौरान हमसे अच्छा खेला। उन्होंने अपने प्लान को अच्छी तरीके से मैच के दौरान लागू किया। हम लोग अभी भी काफी अच्छा क्रिकेट खेल रहे हैं और भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम का माहौल वैसा ही है। इसमें थोड़ा सा भी बदलाव नहीं हुआ है। हम लोग एक पेशेवर क्रिकेटर के रूप में इस हार को अलग रखते हुए इससे सीख हासिल करेंगे और आगे बढ़ जाएंगे।

विराट कोहली ने आगे कहा इस मैदान पर टॉस काफी महत्वपूर्ण था। विशेष रूप से तब जब आप देखते हो कि यहां की एक तरफ की बाउंड्री काफी छोटी है। हम लोग टूर्नामेंट में अभी तक इस तरह की सपाट पिच के ऊपर नहीं खेले थे। परंतु मैच हारने का टॉस एक बहुत बड़ा कारण नहीं था। हम लोग बल्लेबाजी करते हुए मैच को अच्छी तरीके से समाप्त नहीं कर पाए।
भारतीय कप्तान ने आगे कहा एक समय पर इंग्लैंड की टीम 360 रन बनाने के करीब थी। परंतु हम उन्हें कम स्कोर पर रोकने में कामयाब हो पाए। बेन स्टोक्स ने सचमुच में कमाल की पारी खेली और हम लोग उन्हें 330 रनों पर रोक कर काफी खुश थे। उन्होंने कहा यदि हम मैच को अच्छी तरीके से समाप्त कर देते और सही समय पर महत्वपूर्ण खिलाड़ी नहीं आउट होते तो मैच का नतीजा कुछ और हो सकता था।
इसके आगे विराट से पूछा गया अंत के समय में महेंद्र सिंह धोनी और केदार जाधव ने जिस प्रकार से बल्लेबाजी की उसके बारे में क्या कहेंगे ? इसका जवाब देते हुए भारतीय कप्तान ने कहा मेरे अनुसार धोनी कोशिश कर रहे थे कि वह बाउंड्री लगाएं। परंतु उनके बल्ले पर गेंद आसानी से नहीं आ रही थी। इसके अलावा इंग्लैंड के गेंदबाजों ने काफी अच्छी गेंदबाजी की। उन्होंने सही क्षेत्र में गेंदबाजी की और बल्लेबाजों के काम को और कठिन कर दिया। हम बैठकर इन सभी चीजों के बारे में बात करेंगे और आने वाले मैचों में सुधार करेंगे।