क्रिकेट आज एक ऐसा मंच बन गया है जो लोगों का सबसे पसंदीदा खेल है और दुनिया में इसके प्रशंसक बहुत ज्यादा हो गए हैं। लेकिन हम बात कर रहे हैं भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की जिन्होंने क्रिकेट में 3 बड़ी गलती की हैं। इनमें से गलती नंबर 1 के लिए तो वो आज भी अफसोस करते हैं। तो आइए इन 3 गलतियों के बारे में जानते हैं।
गलती नंबर 3
साल 2007 T20 वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में महेंद्र सिंह धोनी ने जब अपने मैच के आखिरी ओवर में जोगिंदर शर्मा को गेंदबाजी करने को दिया। तो हर कोई परेशान हो गया। फिर भी जोगिंदर शर्मा ने महेंद्र सिंह धोनी की विश्वास को तोड़ा नहीं और यह गेंदबाजी से उनका विश्वास जताया। लेकिन अगर जोगिंदर शर्मा अगर गेंदबाजी नहीं कर पाते तो आज महेंद्र सिंह धोनी के लिए सबसे बड़ी गलती होती जिससे यह बहुत अफसोस जताते।
गलती नंबर 2
भारतीय टीम के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह को सिक्सर किंग के नाम से जाना जाता है। वही युवराज सिंह को महेंद्र सिंह धोनी ने श्रीलंका के खिलाफ बल्लेबाजी करने के लिए भेजा तो उन्होंने इतना धीमा गति से बल्लेबाजी की जिसके कारण वह मैच भारतीय टीम हार गई। तब टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की यह बड़ी गलती हुई क्योंकि उनको पता था युवराज सिंह अपनी खराब फॉर्म से जूझ रहे थे फिर भी उन्होंने युवराज सिंह को मौका दिया।
गलती नंबर 1
धोनी को जब भारतीय टीम का वनडे मैच का कप्तान बनाया गया तो उन्होंने भारतीय टीम के लिए एक ऐसा खराब निर्णय लिया जिससे भारतीय टीम के प्रशंसकों की सांस रोक दी। क्योंकि धोनी ने टीम के सभी सीनियर खिलाड़ियों को जैसे सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, वीरेंद्र सहवाग, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण जैसे खतरनाक खिलाड़ियों को बाहर कर दिया। यह बोल कर कि वह चुस्त-दुरुस्त नहीं हैं और फील्डिंग नहीं कर पाते हैं।यह निर्णय महेंद्र सिंह धोनी का सबसे गलत रहा है कि, इस निर्णय से कई फैंस इनसे आज भी नाराज हैं। इसी निर्णय पर आज भी महेंद्र सिंह धोनी काफी अफसोस जताते हैं।
