पूर्व दिग्गज अंपायर और आईसीसी की नियम बनाने वाली समिति के सदस्य साइमन टॉफेल ने इस बात को मान लिया है की अंपायर द्वारा फाइनल मैच की आखिरी ओवर में ओवर थ्रो में 6 रन देना अंपायर की एक बड़ी गलती थी।
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इंग्लैंड की टीम को 3 गेंदों में 6 रनों की जरूरत थी, तब ही मार्टिन गुप्टिल का थ्रो बेन स्टोक्स के बल्ले से आकर टकराया और 4 चौके पर जाकर रुका, जब वह दूसरा रन दौड़ रहे थे। इसके बाद अंपायर ने इंग्लैंड को 6 रन से दिए, जबकि सिर्फ 5 रन ही देने चाहिए थे, ऐसा टॉफेल का मानना है।
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इस दिग्गज अंपायर ने यह गलती मान ली है और क्रिकेट के नियमो के अनुसार 5 रन ही दिए जाने चाहिए थे ऐसा कहा है। इसका नतीजा यह हुआ कि बेन स्टोक्स को फिर से स्ट्राइक मिल गई, और 1 अतिरिक्त रन भी मिल गया। जिसके कारण इंग्लैंड वर्ल्ड कप भी जीत गए।
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टॉफेल को 5 बार आईसीसी का अंपायर ऑफ द ईयर का अवॉर्ड मिला है, और उन्हें विश्व का सबसे बेहतरीन अंपायर भी माना जाता है। जिन्होंने फॉक्स स्पोर्ट्स से बात करते हुए कहा,"अंपायर ने जगमेंट करने में गलती की है। उन्हें 5 रन देने चाहिए थे, ना कि 6।"
आईसीसी नियम 19.8 के अनुसार जाने कितने रन मिलने चाहिए थे
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टॉफेल ने यह भी कहा कि गुप्टिल ने थ्रो करने से पहले बल्लेबाजों ने क्रॉस नहीं किया था। इस नियम के अनुसार जीतने ओवर थ्रो के रन है वो मिलाकर बल्लेबाजों ने जीतने रन दौड़े है, और जो रन दौड़ा जा रहा है, अगर बल्लेबाज एक दूसरे को क्रॉस कर चुके है, तो ही वह रन ओवर थ्रो में भी गिना जाएगा। ऐसे में अगर बेन स्टोक्स और मार्क वुड ने एक दूसरे को क्रॉस नहीं किया था तो 5 रन ही मिलने चाहिए थे।



